श्वेत हंस तू है सबमे
देखकर तुझे तुझ पर
मन मयूर नाचे नचाये मुझे
तिमिर प्रहार पर प्रहार करे
श्वेत हंस तू है सबमे
ज्योति दीपक से चाहू और
नाचे नचाये तू निर्मल सलिल
ले जाये उस और ठोर जिसका
श्वेत हंस तू है सबमे
पल्लवित आशा निरखि
निरखाये आशा बल खाए घनघोर
निराशा प्राणों को ले जाये
श्वेत हंस तू है सबमे
जीवन के वन सघन तन पर
रूप तेरा कछु और
भांवन नैना प्यासी
रह जाये देखत देखत
श्वेत हंस तू है सबमे
प्रभात सुंदरी यौवन अंगड़ाई लेकर
ह्रदय कोश के पट लुटाने को
देख तेरी ये अदा ये निश दिन
अमृत पण मन जाये
श्वेत हंस तू है सबमे
कल अकाल रूप तेरे जब
सांसो पर करे अठखेलिया
जब रक्तिम लज्जा शर्माए
आश निराशा साथी बनकर
खेले और खिलाये
श्वेत हंस तू है सबमे
जीवन के कंटकमय रास्ते पर
वन पथिक सहचर आये
गीत संगीत नस नस में
भरकर तेरा गीत तू भर जाए
श्वेत हंस तू है सबमे
सांस जब घबराए घनघोर
आंधिया तुफानो संग आकर
पक्षी नीड़के तिनके
उड़ने जोरो से ले जाए
तब तू फिर से आश जगाये
श्वेत हंस तू है सबमे
झम झम तेरी चांदनी जब
अमावस्या आये नयन शुन्य हो जाये
लौट लौटकर फिर फिर आये
हर्षाये मन मंदिर गुंजाये
श्वेत हंस तू है सबमे
तडपत बिजलिया मिलन को
धरा तक अंम्बर से जब आये
बार बार मेघ गर्जन
मन मयूर प्याश आश जगाये
श्वेत हंस तू है सबमे
सर्पिनी दन्त तलवार लेकर
विष प्याला सजाये
मदमस्त पस्त हौसले कर
सांसो की डोर तोड़ ले जाए
तब तू जान दान ले आये श्वेत हंस तू है सबमे
विभीषिका प्रलय तांडव करे
जब महेश डमरू साज करे तब
दशो दिशा घबराये
प्रारथना ब्रह्मम रंघ्रा तक जाए
तब तेरी किरण रजनी पर छाये
श्वेत हंस तू है सबमे
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